‘‘THE FARMERS PRODUCE TRADE AND COMMERCE (PROMOTION AND FACILITATION) ORDINANCE 2020’’ दिनांक 05 जून 2020 का धरातल पर प्रभाव।

सरकार द्वारा उद्योग जगत एवं किसान भाईयों के व्यापक हितों के दृष्टिगत लागू किये गये बहुप्रतीक्षित नये प्राविधानों से किसान भाईयों के साथ उद्योग जगत इतना उत्साहित है कि इसका धरातल पर प्रभाव आना प्रारम्भ हो गया है। अध्यादेश लागू होने पर चावल उद्योग से जुड़ी एक कम्पनी की कदाचित उत्तर प्रदेश की पहली निजी मण्डी जनपद- बुलन्दशहर की खुर्जा तहसील में मूर्तरुप ले रही है। जहां चावल मिलर्स/निर्यातकों द्वारा प्रतिस्पर्धात्मक मूल्यों पर सीधे किसानों से धान की खरीद कराये जाने की योजना है। इसका विस्तृत विवरण संलग्न पम्पलेट में दिया गया है।


FARMERS AND RICE MILLERS FACILITATION CENTER

(Private Auction Yard)
First ever in the state of UTTAR PRADESH at:
VILLAGE: ARANIYA, TEHSIL: KHURJA
DISTT. BULANDSHAR (U.P) 203131
Our main aim is to educate the farmers
to adopt the good Agriculture Practices (G.A.P.) with
regard to growing of BASMATI PADDY as well as ONE STOP
procurement facility to RICE MILLERS AND EXPORTERS.


HIGHLIGHTS OF FACILITATION CENTRE

  • Registration and Data Collection of farmers in our serving area engaged in production of various varieties of Basmati Paddy.
  • To educate and aware the farmers about GAP (Good Agriculture Practices)
  • To maintain complete traceability of farmers produce
  • Verification of quality at entry gate of centre.
  • Proper weighment of 100 % arrival of produce through computerised weight bridges before entering the facilitation centre.
  • Proper quality checks during unloading farmers produce to ensure the quality standard of the entire lot.
  • To provide cleaning machines and facility to clean the poor quality of produce at a dedicated area of facilitation centre.
  • After auction/sale 100 % weighment by certified electronic weighing machines.
  • To ensure proper stitching checking of each empty bags before filling.
  • Proper tagging on each bag at the time of filling and stitching.
  • Pre inspection of loading vehicles in all aspects



नये अध्यादेश दिनांक 05 जून 2020 की आवश्यकता।

  • देश में आई संचार क्रांन्ति एवं आधुनिक सुविधाओं के कारण किसानों को अपनी फसल के सही भाव की जानकारी आसानी से हो जाती है।
  • प्रदेश में लग रहे उद्योग जब किसान के घर में जाकर सही भाव पर किसान की उपज खरीदने के लिये उत्सुक हैं तो उन्हें अपनी फसल सरकारी मण्डियों में ही लाकर बेचने की पाबन्दी लगाना किसानों के साथ बडा अन्याय था।
  • मण्डी में स्थापित आढती किसान को उसकी उपज का नकद भुगतान न कर वास्तव में किसानों के पैसों का उपयोग अपने व्यापार में करते हुए अपनी आय को दिन दूनी रात चैगुनी करने में सफल रहे हैं।
  • भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा यह अध्यादेश लागू कर वास्तव में किसान भाईयों को बरसों की गुलामी से वास्तविक आजादी दिलाना है।

BENEFITS FOR FARMERS

चावल मिलों की पूरी क्षमता का उपयोग

विभिन्न प्रदेशों में स्थापित चावल मिलों की कच्चे माल के लिये निर्भरता अपने प्रदेश के साथ-साथ प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों में उत्पादित धान पर भी रहती है। सम्पूर्ण देश में किसानों द्वारा जलवायु के अनुसार अलग-अलग समय पर धान उत्पादित किया जाता है। अब इन प्रदेशों से सीधे चावल मिलों द्वारा उपज अपने मिल पर मंगाने और मण्डी शुल्क की छूट भी होने से पूरे वर्ष भर आवश्यकतानुसार कच्चा माल मंगाकर अपना मिल साल भर चलाकर पूरी क्षमता का उपयोग किया जा सकेगा जिससे वर्ष भर श्रमिकों को रोजगार उपलबध हो सकेगा।

अतः भारत सरकार द्वारा जारी किये गये नये अध्यादेश के माध्यम से उपलब्ध करायी गयी सुविधाओं का लाभ ना केवल हमारे किसान भाईयों को होगा बल्कि हमारी मण्डियों से बाहर कार्यरत व्यापारियों, आढ़तियों, ग्रामीण मजदूरों एवं उद्योग को भी होगा। जिससे हम कृषि जिन्सों के निर्यात को बढाने, किसानों की आय दो गुनी करने एवं आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में सफल हो पायेंगे।

काण्ट्रैक्ट फार्मिंग से चावल उद्योग एवं किसानों को लाभ एवं "दिनांक 05 जून 2020 का धरातल पर प्रभाव-"

आजकल वैश्विक स्तर पर धीरे-धीरे सम्पूर्ण विश्व में खाद्य पदार्थो के सम्बन्ध में FOOD SAFETY AND QUALITY को लेकर बहुत अधिक जागरुकता फैल रही है।

हमारे देश में असंगठित रुप से गुणवत्ता रहित कीटनाशक दवाईयों का प्रयोग कर उत्पादित किये जा रहे धान से निर्मित चावल अधिकतर पश्चिमी देशों में स्वीकार नहीं किया जा रहा है जिसका सीधा नुकसान चावल मिल तथा किसानों के साथ-साथ हमारे देश की छवि को भी हो रहा है।

अब काण्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिये भारत से चावल निर्यात में सुविधा होगी। जिससे विदेशी मुद्रा अर्जन में वृद्धि तथा किसानों को अधिक मूल्य के साथ ही चावल उद्योग को बढावा एवं देश में रोजगार में वृद्धि के नये रास्ते खुलेंगे।

सरकार द्वारा देश के किसानों तथा कृषि आधारित उद्योगों की भलाई के लिए लागू किये गये काण्ट्रैक्ट फार्मिंग अध्यादेश से प्रभावित होकर हमारे संगठन के एक सदस्य मिलर द्वारा जनपद-अलीगढ़ की खैर तहसील में बासमती धान की काण्ट्रैक्ट फार्मिंग लगभग 5850 एकड़ में प्रारम्भ कर दी गई है जिसमें किसानों को उनके उपज का न्यूनतम भाव तय किया गया है। यह भी प्राविधान रखा है कि यदि उक्तानुसार तय किये गये न्यूनतम भाव से आसपास की मण्डियों में भाव अधिक रहेगा तो मिलर बाजार भाव पर किसान की उपज खरीदेगा। इसी के साथ—साथ किसान को रू0 100.00 प्रति कु0 का बोनस भी दिया जायेगा।